बिज़ ज्ञान ट्री – सम्मान समारोह

5 जनवरी 2016, दिल्ली – कमानी ऑडिटोरियम

दिल्ली का कमानी ऑडिटोरियम 5 दिसम्बर को  उस पल का साक्षी बना जिसका इंतज़ार सभी यात्रियों को इस 15 दिन की यात्रा के दौरान बेसब्री से रहा । मौक़ा था 3 दिसम्बर को देवरिया, उत्तर-प्रदेश में हुई बिज़ ज्ञान ट्री की प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित करने का । इस मौक़े पर सर्टिफिकेट देकर विजेताओं को सम्मानित किया गया ।

कार्यक्रम की शुरूआत जयन्त सिन्हा, (राज्य मंत्री वित्त)  एवं प्रकाश जवाड़ेकर (मंत्री पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन) द्वारा यात्रियों को सम्बोधित करने से हुई ।  बिज़ ज्ञान ट्री प्रतियोगिता के प्रशस्ति-पत्र (सर्टिफिकेट) वितरण में मुख्य अतिथि के तौर पर पुंज लॉयड संस्था के संस्थापक जे. पी. चलसानी जी उपस्थित रहे ।

कर्नल भाया, डोमिनो (वाऊ संस्था) द्वारा विजयी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र वितरित किये गये । विजयी प्रतिभागी इस प्रकार रहे-

टीम ‘आईरा’ (AIRA) को  कृषि एवं कृषि व्यवसाय आयाम के लिए, टीम ‘बूंद’ को  जल एवं स्वच्छता आयाम, टीम  ‘बंज़ाराज़ फुटवियर’ को  विनिर्माण आयाम( मैन्युफैक्चरिंग), शिक्षा एवं ज्ञान आयाम के क्षेत्र में ‘कुशल’, ‘स्किल मिल’ एवं ‘विलसिटी’, कला-संस्कृति एवं खेल के क्षेत्र में ‘दिति’, स्वास्थ्य आयाम के लिए ‘हेल्थहब’  को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

सबसे अधिक रचनात्मक विचार के लिए  ‘बूंद’ , सबसे अधिक इनक्लूसिव विचार जिसमें सभी ज़रूरी तत्वों का समावेश था, इसके लिए ‘मित्रा’, सबसे अधिक सहजता से प्रत्यारोपित किये जा सकने वाले विचार के लिए मोस्ट रेप्लिकेबल पुरस्कार से बंज़ाराज़ फुटवियर और सबसे अधिक संभावित विचार (मोस्ट फ़ीज़ेबल आईडिया) के लिए पुनः टीम आईरा को सम्मानित किया गया ।

इसके अतिरिक्त बीस वर्षों से व्यवसायिक क्षेत्र से जुड़े प्रेरक व्यक्तित्व शिव खेमका ने यात्रियों को नेतृत्व क्षमता के विषय में सम्बोधित किया और पाँच प्रतिभागियों को नेतृत्व क्षमता के लिए  खेमका अवार्ड तथा नक़द पुरस्कार से नवाज़ा गया ।

पूर्व यात्री तृप्ति दोषी द्वारा देवरिया में विकसित किये जा रहे जागृति एन्टरप्राइस सेन्टर के आर्टिक्चर पर प्रेसेन्टेशन दिया गया । तृप्ति को आर्किटेक्चर डिज़ाइन करने की ये कला विरासत में मिली है । उनके दादा जी के भाई ने अपने समय में राजघाट का आर्किटेक्चर डिज़ाइन किया था ।

पैनल चर्चा में उद्यमिता के उत्सव विषय पर बोलते हुये 3 पूर्व यात्रियों  रॉबिन चौरसिया (क्रान्ति), सुप्रिया (माई पार्लियामेन्ट) और गुणवन्त (शिक्षालय) यात्रियों से रू-ब-रू हुये । रॉबिन क्रान्ति संस्था के माध्यम से सेक्स वर्कर्स के बच्चों और मानव तस्करी के शिकार बच्चों पर काम कर रही हैं और उन्हें सशक्त बनाकर समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं । उनके अनुभवों को सुनकर सभी यात्री स्तब्ध रह गये ।

साथ ही इस पैनल चर्चा का समन्वय जागृति की बोर्ड सदस्य रेवती प्रभु द्वारा किया गया । रेवती ने दिल्ली से इस यात्रा में शामिल होते हुये सभी यात्रियों का स्वागत किया और उनसे मिल के ख़ुशी जताई ।