उद्यम कोर्प के जीवन का एक दिन

राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा होना जितना रोमांचित करने वाला होता है उतना ही चुनौतीपूर्ण भी और साथ ही इस प्रक्रिया का हिस्सा बनकर आपको एक संतुष्टि का अनुभव भी होता है । राष्ट्र्-निर्माण की ये भावना ही है जो एक अति उत्साही और ऊर्जावान युवा को अपने विशेष कौशल और अपने तकनीकी ज्ञान के प्रयोग द्वारा एक उद्यम कोर्प बनकर बेहतर राष्ट्र बनाने के लिए उत्साहित करती है।

आप सोच रहे होंगे ये उद्यम कोर्प कौन है ?

आसान शब्दों में कहें तो एक उद्यम कोर्प वो व्यक्ति है जो कि ज़मीनी स्तर पर जागृति उद्यम नेटवर्क का सिपाही है । उसका कार्यक्षेत्र ग्रामीण पृष्ठभूमि से लेकर कोर्पोरेट जगत तक फैला हुआ है । वो कोर्पोरेट जगत की बड़ी हस्तियों से लेकर गांव के संघर्षशील किसानों से जुड़ा होता है । एक उद्यम कोर्प इन पिछड़े और विकसित लोगों के बीच एक पुल की तरह काम करता है और ज़रूरतमन्दों तक मदद पहुंचाने के साधन ढूँढने में उनकी मदद करता है और इस तरह काम करते हुये उसकी पेशेवर ख़ूबियों को निखरने का मौक़ा मिलता है ।

उद्यम कोर्प वो चयनित कर्मचारी है जो आधारभूत स्तर पर चुने गये इलाक़ों में लघु और मध्यम व्यवसायों के लिए बनाये गये सपोर्ट सिस्टम का समन्वयन करके उद्यम के पारिस्थितिक तंत्र को मज़बूत करने और उसे आगे बढ़ाने का काम करता है । वो ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले लघु एवं मध्यम व्यवसायों के मालिकों और उच्च स्तर के प्रबन्धकों के बीच एक मज़बूत कड़ी के रूप में काम करता है। साथ ही वो  व्यवसाय निर्माण और उद्यमिता की यात्रा के प्रत्येक पहलू के लिहाज़ से जागृति यात्रा के यात्रियों के विस्तृत एवं विविध प्रकार के नेटवर्क का प्रयोग करता है ।

उद्यम कोर्प के जीवन का एक दिन किसी कार्यालय की चाहरदीवारी में निर्धारित होकर सिमटा हुआ नहीं है । वो उन जगहों पर लोगों से संवाद स्थापित करता है जो जागृति उद्यम केन्द्र के कार्यक्षेत्र का हिस्सा है, जिन क्षेत्रों में जागृति उद्यम केन्द्र का कार्य करना निर्धारित है । स्थानीय सहयोग प्राप्त कर उद्यम केन्द्र को सशक्त बनाना एक उद्यम कोर्प की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है । ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बाहरी दुनिया के लोगों से मिलने का मौक़ा नहीं मिल पाता और  इसलिए वो स्वयं को अन्धेरे कुएं में समेटे रहते हैं । उद्यम कोर्प इन ग्रामीणों को सफल तथा प्रभावी व्यक्तित्वों से मिलवाने और उनकी रूचि के क्षेत्रों में हो रहे वैश्विक अनुसंधनों से परिचित कराने का काम भी करता है।

उद्यमिता के बारे में जागरूकता फैलाने के साथ ही एक उद्यम कोर्प की यह कोशिश रहती है कि वो लोगों को उनके व्यवसाय में आगे बढ़ने के लिए मदद करते हुये उनसे एक मज़बूत रिश्ता क़ायम कर सकें । व्यवसाय प्रतिरूप (बिज़नेस मॉडल) का विश्लेषण करने के साथ ही वे उन्हें मूल्य श्रृंखला विश्लेषण (वैल्यू चेन एनेलिसिस), मूल्य लाभ विश्लेषण (कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस) और उत्पाद की क़ीमत आदि तय करने में भी सहायता करते हैं । वे मध्य भारत के सुविधाविहीन लोगों के लिए व्यवसायिक सलाहकार (बिज़नेस कन्सल्टेन्ट) के तौर पर काम करते हैं और इसलिए एक उद्यम कोर्प की विश्लेषण क्षमता और पेशेवर रूप से उसकी कुशलता काफी मायने रखती है । एक उद्यम कोर्प यह भी सुनिश्चित करता है कि नये उद्यमी या व्यवसायी तक वित्तीय, तकनीकी, स्त्रोत तथा संसाधन आदि सभी प्रकार की आवश्यक सहायता उचित रूप से पहुंच सके ।एक उद्यम कोर्प बनने के लिए आपमें शैक्षणिक और पेशेवर योग्यता के अलावा मध्य भारत को विकसित करने की प्रबल इच्छा का होना आवश्यक है ।

नेतृत्व क्षमता, संस्था- प्रबन्धन,चुनौतीपूर्ण स्थितियों का सामना करने की क्षमता जैसे गुण भी बहुत मायने रखते हैं । उद्यमिता के पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देते हुये, जेन (JEN) अर्थात् जागृति एन्टरप्राइस नेटवर्क उद्यम जनित विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने की आशा करता है ।

  • Ramnarayan Tiwari

    works like a professional with a heart of social worker